भारत के बजट 2025-26 (जो 1 फरवरी 2025 को पेश किया गया था) और हाल ही में आए बजट 2026-27 (1 फरवरी 2026) के आधार पर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले असर की पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
सरकार ने मुख्य रूप से मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत देने और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज को सस्ता करने पर ध्यान दिया है।

🟢 क्या-क्या सस्ता हुआ? (Cheaper)
बजट में सीमा शुल्क (Customs Duty) और टैक्स दरों में कटौती के कारण ये चीजें सस्ती हुई हैं:
दवाइयां और स्वास्थ्य: 17 कैंसर रोधी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। साथ ही, दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के इलाज में काम आने वाली दवाओं और विशेष भोजन को भी सस्ता किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल फोन, चार्जर और उनके कुछ स्पेयर पार्ट्स पर ड्यूटी कम होने से स्मार्टफोन सस्ते हुए हैं। माइक्रोवेव ओवन के पुर्जों पर भी राहत दी गई है।
विदेश यात्रा और पढ़ाई: विदेशों में पैसे भेजने (LRS) पर लगने वाला TCS (Tax Collected at Source) 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे विदेश में पढ़ाई और टूर पैकेज बुक करना सस्ता हो गया है।
पर्सनल इंपोर्ट: विदेश से निजी इस्तेमाल के लिए मंगवाए जाने वाले सामान (जैसे गिफ्ट या गैजेट्स) पर ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है।
ईवी और क्लीन एनर्जी: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन सेल्स और सोलर पैनल बनाने वाले सामान (जैसे सोडियम एंटीमोनेट) पर ड्यूटी हटाई गई है।
खेल का सामान: ‘खेलो इंडिया’ मिशन के तहत खेल उपकरणों पर ड्यूटी कम की गई है।
चमड़ा और समुद्री उत्पाद: जूते-चप्पल (Leather footwear) और मछली/झींगा पालन (Shrimp feed) से जुड़े कच्चे माल पर ड्यूटी घटाई गई है।

🔴 क्या-क्या महंगा हुआ? (Costlier)
इन चीजों पर टैक्स या ड्यूटी बढ़ने से इनके दाम बढ़ गए हैं:
तंबाकू और सिगरेट: सिगरेट और पान मसाला पर NCCD (National Calamity Contingent Duty) में बढ़ोतरी की गई है, जिससे ये और महंगे हो गए हैं।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग: फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर लगने वाला STT (Securities Transaction Tax) बढ़ा दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग अब महंगी पड़ेगी।
कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: आयातित (Imported) टीवी के उपकरण, हाई-एंड कैमरे और फिल्म निर्माण से जुड़े इक्विपमेंट पर छूट खत्म होने से ये महंगे हो सकते हैं।
किचन और बिजनेस उपकरण: कॉफी रोस्टिंग, ब्रूइंग और वेंडिंग मशीनें अब महंगी हो गई हैं क्योंकि इन पर मिलने वाली छूट हटा ली गई है।
आयातित छाते: छोटे और कम कीमत वाले आयातित छातों पर न्यूनतम ड्यूटी लगाने से उनके दाम बढ़ गए हैं।
कॉमर्शियल एलपीजी: कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कुछ बढ़ोतरी देखी गई है।

💰 टैक्स स्लैब में बड़ी राहत
सस्ते-महंगे सामानों के अलावा, नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा (विभिन्न छूटों के साथ), जिससे मध्यम वर्ग की बचत बढ़ेगी।
क्या आप अपने इनकम टैक्स स्लैब या किसी खास सामान पर लगने वाली ड्यूटी के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?








